फुर्सत के पल में
जब हमने , गूगल प्लस , ब्लॉग ,ट्विटर ,फेस बुक,फेस बुक ग्रुप जैसा सोशल मीडिया शुरू करने की ठानी, तो सोचा कि ऐसा क्या है जो इस समय मैं देश ,समाज और अपने लिए सबसे ज्यादा चाहता हूँ या करने में सक्षम हूँ I मुझे .. ज्यादा सोचना नहीं पड़ा- हम अपने फुर्सत के कुछ पल को देश ,समाज और स्वयं के लिए समर्पित कर रहे हैं I हम अपने परिवार के भरपूर सहयोग से हीं जो कुछ भी संभव है कर रहा हूँ I इन पलों में मैं या तो कुछ सोंचता रहता हूँ ,सामाजिक क्रियाकलापों में भाग लेता रहता हूँ या फिर कुछ लिखता रहता हूँ.. उन्हीं चीज़ों को मै आप सम्मानित मित्रों को गूगल प्लस , ब्लॉग ,ट्विटर ,फेस बुक,फेस बुक ग्रुप जैसा सोशल मीडिया में उतार कर आप सभी को पड़ोस रहा हूँ | यहाँ मै अपनी ख़ुशी, उदासियाँ, कल्पनाएँ ,सामाजिक उत्तर दाइत्व तथा और भी बहुत कुछ साझा करने की कोशिश कर रहा हूँ | उम्मीद ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है आप सभी स्नेहिल मित्रों का नैतिक समर्थन समीक्षात्मक टिप्पणियों के जरिये मुझे प्रेरणा देते रहेगा I ..........सादर ... रमेश कुमार चौबे
जब हमने , गूगल प्लस , ब्लॉग ,ट्विटर ,फेस बुक,फेस बुक ग्रुप जैसा सोशल मीडिया शुरू करने की ठानी, तो सोचा कि ऐसा क्या है जो इस समय मैं देश ,समाज और अपने लिए सबसे ज्यादा चाहता हूँ या करने में सक्षम हूँ I मुझे .. ज्यादा सोचना नहीं पड़ा- हम अपने फुर्सत के कुछ पल को देश ,समाज और स्वयं के लिए समर्पित कर रहे हैं I हम अपने परिवार के भरपूर सहयोग से हीं जो कुछ भी संभव है कर रहा हूँ I इन पलों में मैं या तो कुछ सोंचता रहता हूँ ,सामाजिक क्रियाकलापों में भाग लेता रहता हूँ या फिर कुछ लिखता रहता हूँ.. उन्हीं चीज़ों को मै आप सम्मानित मित्रों को गूगल प्लस , ब्लॉग ,ट्विटर ,फेस बुक,फेस बुक ग्रुप जैसा सोशल मीडिया में उतार कर आप सभी को पड़ोस रहा हूँ | यहाँ मै अपनी ख़ुशी, उदासियाँ, कल्पनाएँ ,सामाजिक उत्तर दाइत्व तथा और भी बहुत कुछ साझा करने की कोशिश कर रहा हूँ | उम्मीद ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है आप सभी स्नेहिल मित्रों का नैतिक समर्थन समीक्षात्मक टिप्पणियों के जरिये मुझे प्रेरणा देते रहेगा I ..........सादर ... रमेश कुमार चौबे
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