Sunday, 19 May 2013

कब तक चुप रहोगे आप ?

कब तक चुप रहोगे आप ? राजनीति बन रही तवायफ नेता बन गए दलाल I धर्म का चोला ओढकर भैया धर्म गुरु सब हुए व्यापारी I जनता मालिक हुई बेचारी, जन सेवक बन बैठे मालिक I पुलिस पहरुए चोर से मिल कर, मालिक के घर सेंध मरावे I नौकर खाए मेवा मलाई ,मालिक सुखी रोटी खाए I जनता के पैसा से भैया राजनेता सब ऐस मानावे I खून पसीना बहाकर भैया, किसान देश में अन्न उपजावे और वही किसान भूखे सो जावे ? देश की सरहद पर भीषण गर्मी और सर्दी में देश का रक्षक रक्षा करे और वातानुकूलित कमरों में बैठकर राजनेता सब अपने हित में विदेशियों से सौदा करे I भारत के काले धन से भैया, स्विस बैक का खजाना भरे और भारत देश लगातार विदेशी कर्जों की भोझ तले दबे ? भारत का नवजवान अब जाग चूका है , देश की जनता जाग चुकी है ,खेतिहर किसान अब जाग चुके है , देश का प्रहरी जवान अब जाग चुके हैं I हिन्दू (सिख हिंदुत्व का हीं अभिन्न अंग है ) ,मुस्लिम और ईसाई ये सभी भी अब जाग चुके हैं I नेताओं को ये पहचान चुके हैं I कुछ चंद जो सोये हुवे हो कब तक चुप रहोगे आप ?

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