अपने पालतू कुत्तो पर लगाम लगाये देश की जनता यानि जनतंत्र की असली और वास्तविक मालिक I जब कोई पालतू कुत्ता मालिक के साथ नमक हरामी करने लगता है तो मालिक का यह नैतिक कर्तब्य बन जाता है कि या तो वह अपने कुत्ते को खाना देना बंद कर दे या उसे डंडा मार करके उसे सुधरने का मौका दे I जनतंत्र में न्यायपालिका ,कार्यपालिका और विधायिका जनता के पालतू कुत्ते हीं हैं I हमारे प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष कर संग्रह से वेतन और सुविधा पर पलने वाले हमारे मालिक कैसे हो सकतें हैं ? जनता के प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष कर संग्रह से चलने वाली व्यवस्था, न्यायपालिका ,कार्यपालिका और विधायिका जनता की मालिक कैसे हो सकती है ?
जनता मालिक है ये हमारे वेतन भोगी नौकर व्यवस्थापक हैं I
जनता मालिक है ये हमारे वेतन भोगी नौकर व्यवस्थापक हैं I
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