वह दिन दूर नहीं होगा जब अनठानबे प्रतिशत आम जनता देश के बामुश्किल दो प्रतिशत धन कुबेरों के अर्जित धन और संपत्ति पर जन क्रांति के जरिये कब्ज़ा जमाएगी I अनठानबे प्रतिशत आम जन के बीच समानुपाती ढंग से भ्रष्टों की अर्जित संपत्ति और काले धन को वापस लाकर बाटा जायेगा I देश क्रांति के मुहाने पर है I जनता का गुस्सा ज्वालामुखी की तरह किसी भी समय फट सकता है I जनता की गुस्सा को कमतर आंकने की भूल ना करे संसद में बैठने वाले जनता के गद्दार सांसद I संसद उनकी जागीर नहीं रह पायेगा I संसद का हम पर कतरेंगे I देश में लोक स्वराज्य लायेंगे I बदनाम हो चुकी वर्त्तमान संसद को लोक नियंत्रित बनायेंगे I सत्ता परिवर्तन अब बहुत हो चूका अब तो व्यवस्था परिवर्तन की तैयारी है I
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