Friday, 24 May 2013

संसद भारतीय लोक तंत्र का प्रतिक होनी चाहिए जो की नहीं हो सका

संसद भारतीय लोक तंत्र का प्रतिक होनी चाहिए जो की नहीं हो सका I हमने संसद को लोक नियंत्रित तंत्र के रूप में विकसित करने का स्वप्न देखते हुए संसदीय प्रणाली को आत्मसात किया I परन्तु षड़यंत्र के तहत हमारा देश तंत्र नियंत्रित हो गया I असली मालिक नौकर की भूमिका में और हमारा नौकर मालिक की भूमिका में आ बैठा है I आजादी के 67 वर्ष बीत गए I हमारा देश केन्द्रीयकृत संसदीय सत्ता का केंद्र बन गया I यह सब सत्ता लोलुप सत्ता पक्ष और सुविधा भोगी प्रतिपक्ष के षड़यंत्र के कारण हुआ है I हमारा मैनेजर (सत्ता पक्ष /सत्ताधरी पार्टी ) तो चोर बन हीं गया हमने चोरी को रोकने के लिए या रखवाली के लिए प्रतिपक्ष रुपी वाच डॉग यानि सजग कुत्ता जो संसद में बैठाया वो भी मांस के टुकडे और जूठन खाकर मालिक के साथ नमक हरामी कर बैठा I हमने अब सोंचा है हम अब अपने नौकर और पालतू कुत्ते के भरोसे अपनी संपत्ति को यू हीं नहीं छोड़ेंगे I हम अब सहभागी लोक तंत्र बनायेंगे और समाज नियंत्रित / लोक नियंत्रित शासन प्रणाली लागू करेंगे I आप यकीन कीजिये हम राज्य पर समाज की संप्रभुता स्थापित करने की तैयारी में जुटे हैं I भारत का प्रस्तावित संविधान और लोक संसद के मुद्दे पर लोक स्वराज्य मंच ने पुरे देश में व्यवस्था परिवर्तन अभियान के तहत भारत भ्रमण यात्रा के जरिये जन जागरण अभियान चलाया है I लोक स्वराज्य मंच से जुड़ने के लिए संपर्क करे I श्री बजरंग मुनि मोबाइल नंबर -09617079344 श्री सिद्धार्थ शर्मा मोबाइल नंबर - 09632149431 श्री रमेश कुमार चौबे मोबाइल नंबर - 08435023029 , श्री दीपक कुमार जायसवाल मोबाइल नंबर 09575566074

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