Sunday, 19 May 2013

जरा सोंचो

जरा सोंचो जब मंदीर का पुजाड़ी मंदिर में मांस मदिरा का सेवन करने लगे और मस्जिद का मुल्ला भी जब मस्जिद में शराब शबाब का सेवन करने लगे और गिरिजा घर का फादर गिरिजा घर को ऐयासी का अड्डा बना दे तो उन धर्मो के धर्मावलम्बी क्या करेंगे ? उसी तरह लोक तंत्र के मंदीर संसद भवन में जब हमारे चुने गए लोक सेवक अपने को मालिक और जनता को नौकर समझने लगे तो हमें क्या करना चाहिए I चुप्पी तोड़ो ऐसा तमाचा उन जालिमों के गा्ल पर मारो की ताजींदगी वे आपकी चमचा को याद रखे और यह तमाचा है सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन I

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