Sunday, 19 May 2013

एक दिन हमारी मुलाकात होगी

एक दिन हमारी मुलाकात होगी,
हमारी यादें फिर साथ होंगी,
फिर मैं पुरानी बातें सुनाऊंगा ,
कुछ अपने दिल की बात सुनाऊंगा ,
फिर आँखों से हमारी बरसात होगी,
एक दिन हमारी ....................

पहले तो मैं सुनाऊंगा , तुम क्यूँ मुझसे दूर रही 
मुझे याद किया या प्रिये मुझको भूल गई 
मस्त पवन जब आती थी प्रिये मेरी कहानी वो सुनाती थी 
क्या प्रिये तुम रातों में मेरी यादों से जगती थीं
मैं तड़पता था इतना जितना प्यासे को पानी की तलाश होगी
एक दिन हमारी ................

हम तो पपीहे की तरह रहते थे
पतझड़ की तरह रोते थे
न आँखों में नींदें थी न सोते थे
बस प्रिये तुमसे मिलने को , दिन रात सोचा करते थे
न जाने वो दिन कब आएगा तेरी बाहों में रात ढल जायेगा
हम साथ बैठेंगे और प्यार भरी बात होगी
एक दिन हमारी मुलाकात होगी

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